गुरुवार, 22 नवंबर 2012

'चित्रगीतिका' में बणी-ठणी

राजस्थान के प्रसिद्ध चित्रकार रामगोपाल विजयवर्गीय ने शब्दचित्रों के अपने संग्रह 'चित्रगीतिका' में बणी-ठणी  का जो दिग्दर्शन किया वह यहां प्रस्तुत है।
लहराता मुख पर
शोभा समुद्र
अंगो पर छिटकी
चारू चांदनी रातें हैं
प्रति अवयव पर 

अंगड़ाई रत लावण्य ललित 
महाभाव से  परिचित
बणी-ठणी दर्शन
जिनके खंजन नयन विनत
आलस वश बिखरे
कंच कलाप युग भृकुटि चाप
खंजन पक्षी सम चक्षु
चारु चंद्रिका बिखराती
वदन चंद्र पर
पलक रसीली
चितवन चकित
धरे नासा मुक्ताफल से
सुधा बिंदु सम
अधर पीक की लीक रचे
शोभा शिरीस सम्पुट का
अग्र अधर के मुक्ता
ओस बिंदु सम अवलम्बित
ग्रीवा जैसे
कल्प वृक्ष की शाखा सुन्दर
उठी हुई जो चंद्र वदन तक
हार हीरकों के
दोलित उन्नत उरोज युग पा
जैसे दो सरिता बहती हों
हिमगिरी के ऊपर से
अलकावलि छुटी 

कपोलों पर
जैसे कि धूम्रलेखा
छल्ले बन बन कर
चली जा रही
लट केशों की करती क्रीड़ा
बल खाए बाहु मूल पर
दो भुजंग
कानों में शोभायमान
कुंडल कंधों तक आलंबित
कटिभाग नितंबों की गुरुता 

काले संबल कदली दंडों से
उरु युग पर आश्रित जैसे
दो कमल कोस के चरण
राजमहल बन गया
किशनगढ़ का वृंदावन
फूल महल के 

स्वच्छ सरोवर
की लहरों ने गाए
गीत प्रेम के अविरल।

बुधवार, 7 नवंबर 2012

कोच्ची में भव्य बनाले

कोच्ची में भव्य बनाले 
मूमल नेटवर्क, कोच्ची। कोच्ची मुजिरिस बेनाले 2012 का आयोजन ऑथ्स्पनवाल हाउस में किया जा रहा है। लगभग 1,60,000 स्क्वायर फीट की इस जगह पर होने वाले इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के कई नामी-गिरामी कलाकार शामिल होंगे। इसमें भारत के विभिन्न प्रदेशों के कलाकार तो होंगे ही, आस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान ,यूएई, साउथकोरिया, अर्जेनटीना, नीदरलेन्ड और यूके के कलाकार भी शामिल होंगे। कला प्रेमी आयोजन का 12 दिसम्बर 2012 से 13 मार्च 2013 तक लुत्फ उठा पाएंगे।
 महावीर के चित्रों का दिल्ली में प्रदर्शन
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और अपने विशिष्ट लघु चित्रण के लिए पहचाने जाने वाले बीकानेर के चित्रकार महावीर स्वामी की पेंटिंग्स का प्रदर्शन यहां द गैलेरी ऑन एमजी में किया गया। आरूषि आर्ट द्वारा इस प्रदर्शनी को अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में आयोजित किया गया था।

मंगलवार, 6 नवंबर 2012

अकादमी का राज्य स्तरीय शिविर पुष्कर में

मूमल नेटवर्क, जयपुर। अजमेर में समीप तीर्थस्थल पुष्कर में नवम्बर के प्रथम सप्ताह में राज्य स्तरीय चित्रकला शिविर आयोजित किया जा रहा है। राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा पांच से नौ नवम्बर तक  आयोजित इस शिविर के लिए राज्यभर से 15 कलाकारों का चयन हुआ है। इनमें उदयपुर से सात, अजमेर व बूंदी  से दो-दो व भीलवाड़ा, जोधपुर व कोटा से एक-एक कलाकार हैं।
पुष्कर में अभी से हो रही कार्तिक मेले की चहल-पहल के बीच वहां आरटीडीसी के पर्यटक गांव में लगने वाले इस शिविर में कलाकारों को स्थानीय दर्शकों के साथ देश-विदेश के पर्यटकों के समक्ष बेहतर रेस्पांस मिलने के अत्यधिक अवसर होते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस पांच दिवसीय शिविर में शामिल होने वाले प्रत्येक कलाकार एक-एक कलाकृति बनाएंगे। इसके लिए कलाकार को 10 हजार रुपए मानदेय व अन्य  व्यय अकादमी की ओर से प्रदत्त होंगे।
राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार शिविर के लिए चयनित चित्रकारों में  उदयपुर से हेमंत द्विवेदी, नरेन्द्र सिंह चिंटू, प्रो. मदन सिंह राठौड़, आकाश चोयल, युगल किशोर शर्मा, किरण मोरदिया व मीना बया, अजमेर से लक्ष्यपाल सिंह राठौड़ व अमित राजवंशी, बूंदी से मीनाक्षी भारती व लोकेश जैन, भीलवाड़ा से कैलाश पलिया, कोटा से सुरेश जोशी व जोधपुर से हरीश वर्मा शामिल हैं। पुष्कर के कलाकार अमित वाजपेयी को इस शिविर का स्थानीय समन्वयक बनाया गया है।
नेशनल आर्ट कैंप भी पुष्कर में  होगा 
मूमल नेटवर्क, जयपुर। ललित कला अकादमी दिल्ली की ओर से आयोजित होने वाला राष्ट्रीय स्तर का शिविर भी इस बार पुष्कर में ही आयोजित होगा। यहां मिली जानकारी के अनुसार इस शिविर में भी लगभग 15 कलाकार शामिल किए जाएंगे, जो देश के विभिन्न प्रांतो से चुने जा रहे हैं।

गुरुवार, 1 नवंबर 2012

दर्शक संस्था की दर्शना में दस्तक

शुरुआती दौर में ही लडख़ड़ाए कदम
मूमल नेटवर्क, जयपुर। संगीत और नृत्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित दर्शक संस्था द्वारा पेंटिंग्स और स्कल्पचर के क्षेत्र में बढ़ाए गए कदम अपने शुरूआती दौर में ही लडख़ड़ा गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऐसा फैकल्टीज के बीच उभरे मतभेदों के चलते हुआ।
दर्शक संस्था की ओर से पिछले मई के महीने में मालवीय नगर स्थित उनके नए भवन में पेंटिंग और स्कल्पचर के लिए डिप्लोमा व डिग्री कोर्स शुरू किए गए थे। इसके लिए दर्शक संस्था के साथ एक नया नाम भी सामने आया था जो श्रेष्ठ स्कूल ऑफ पेंटिंग एंड स्कल्चर का था। श्रेष्ठ स्कूल बीकानेर मूल की कलाकार सविता शर्मा द्वारा संचालित है, जिन्हें कला पक्ष का विभागाध्यक्ष बनाया गया। इसका एसोसिएशन दर्शक कॉलेज ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट के साथ बताया गया। इसी के साथ जयपुर के जाने-माने मूर्तिकार हंसराज कुमावत को भी इस आयोजन में साथ लिया गया। इस संस्थान में ड्राइंग और पेंटिंग की बेसिक के साथ क्रिएटिव आर्ट, बेसिक कामर्शियल आर्ट, मीडियम एंड टेकनिक्स, ग्राफिक्स, क्राफ्ट, फोटोग्राफी, आर्ट थू्रआउट कम्प्यूटर और थ्योरी के साथ म्यूरल और स्कल्पचर के शिक्षण की बात प्रचारित की गई।
पिछले पांच महीनों में इस संस्थान से करीब 15 विद्यार्थी कला शिक्षा के लिए जुड़े। दूसरी ओर इस दौरान विभिन्न मसलों को लेकर सविता शर्मा और हंसराज कुमावत में मतभेद होने लगे। बात यहां तक बढ़ी कि कुमावत को अपने शिष्यों के साथ दर्शक संस्था के बापू नगर स्थित भवन में आकर शिक्षण कार्य करना पड़ा। ऐसे में मालवीय नगर स्थित भवन सूना होने लगा। उधर श्रेष्ठ स्कूल की सविता शर्मा ने अपने अन्य साथियों के साथ शेष बची गतिविधियों का संचालन जारी रखा है। मूमल द्वारा जानकारी चाहने पर उन्होंने बताया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से एक फैक्ल्टी हंसराज कुमावत को उन्हें निकालना पड़ा। श्रेष्ठ स्कूल अपने समझौते के तहत दर्शक कॉलेज से जुड़ा है और अपना काम कर रहा है।
दर्शक संस्था के निदेशक राजीव भट्ट ने बताया कि श्रेष्ठ स्कूल भी हमारी ही संस्था है, हमने इसे इंट्रोड्यूस किया है और अपने चित्रकला क्षेत्र को विकसित करने का कार्य सांैपा है। यह पूछे जाने पर कि श्रेष्ठ स्कूल तो सविता शर्मा का संस्थान है और उन्होंने दर्शक संस्था के साथ मिलकर इसे चलाने के लिए भारी धन खर्च किया है। भट्ट ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, कोई अपने बैठने के लिए कुछ फर्नीचर या अन्य संसाधन जुटाता है तो उन्हें क्या आपत्ति हो सकती है।
अब आर्ट गैलेरी भी
कला शिक्षण की क्षेत्र में कदम बढ़ाने के बाद अब दर्शक संस्था ने अपने नए भवन में एक कला दीर्घा विकसित करने की योजना भी बनाई है। यह आयोजन भी श्रेष्ठ स्कूल के साथ ही अंजाम दिया जा रहा है। इसके लिए सविता शर्मा और उनकी टीम तो है ही साथ ही बहादुर हेमराणा को भी शामिल किया गया है। यह वहीं बहादुर हैं जो नगर की सबसे प्रतिष्ठित आर्ट गैलेरी समन्वय में काम करते थे और पिछले दिनों वहां से अलग किए गए।

शनिवार, 20 अक्टूबर 2012

आर्ट मार्केट में नई लहर, युवाओं ने खोजा नया बाजार..

शिल्प और कला जगत की गतिविधियों से लबरेज इस अंक में जानिए...
  • आर्ट मार्केट में नई लहर, युवाओं ने खोजा नया बाजार.. पेज-1
  • पिछली तिमाही के बेस्ट सेलर यंग ब्रश... पेज-4
  • राज.ल.क.अकादमी की वार्षिक कला प्रदर्शनी की तैयारियां.. पेज-6
  • पद्मश्री सोभा सिंह की बदहाल आर्ट गैलेरी की दस्तान.. पेज-11
  • वरिष्ठ चित्रकार स्व.परमानंद चोयल की कला यात्रा... पेज-9
  • चित्रकला को समर्पित साखलकर को प्रज्ञा पुरस्कार.. बैक कवर
...और भी बहुत कुछ जिसकी मूमल से उम्मीद की जा सकती है।
सोलह पेज का पूरा अखबार पाने के लिए नीचे टिप्पणी के स्थान पर अपना ई-मेल हमें भेजें। ताकि हम पेपर की पीडीएफ कॉपी भेज सकें। आप अपना ई-मेल हमारे ई-मेल  moomalnews@gmail.com  पर भी छोड़ सकते हैं। आपका स्वागत हैं।
आपकी
मूमल 

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

मानसिक विमंदित बच्चों के लिए चित्र प्रदर्शनी...Day-1

'मूमल' के आह्वान पर कुछ संवेदनशील कलाकारों ने मेंटली चैलेंन्ड (मानसिक विमंदित ) बच्चों के लिए अपना काम दान किया गया है।  इसका पूरा प्रतिफल उनकी संस्था 'शुभदा' को दिया जाएगा।  पूरी चित्र प्रदर्शनी देखने के लिए मूमल के इस गलियारे में आते रहिएगा। थोड़ा-थोड़ा रोज प्रदर्शित करने का प्रयास होता रहेगा। 
इस ओन लाइन प्रदर्शन प्रयास की जानकारी साझा करके हम ब्लोगर भी इस पुनीत कार्य में महान सहयोग कर सकते है।
Artist:Dr.Amit Rajvanshi,Title: Speed, Media: Pencil Drawing on paper, Size:A-4,

Artist: Laxyapal Singh, Title:Ektara,  Media: Oil Pastel on paper,  Size:34"x24"
Artist:Prahlad Sharma, Title:Neture in Black,  Media: Oil on Canvas,  Size:24"x24"

Artist:Vikram Singh, Title: Symmetry,  Media:Acrylic on paper,  Size:12"x15"

Artist:Rupali Mathur , Title:Beauty in Nature,  Media:Water Color on Paper,  Size:15"x22"






(शेष अगले अंक में )

गुरुवार, 27 सितंबर 2012

खुद में खोए कलाकारों का जमावड़ा, अगले महीने दिल्ली में...

  दिल्ली में अगले महीने आईफैक्स में आयोजन

मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। राजधानी की आईफैक्स आर्ट गैलेरी में नवम्बर माह में देश भरके अनुभवी चित्रकारों के साथ युवा कूची के तेवर भी देखने को मिलेंगे।
'पेन्ट फार जस्टिस' के नाम से होने वाले इस प्रदर्शन में मुख्यतया दो विचारों का दर्शन समेटने का प्रयास होगा। पहला ये कि कलाकार उन विषयों को अपनी कृतियों में उकेरे जिन से आम व्यक्ति मानसिक रूप से घायल हुआ है। दूसरा विचार यह है कि इस आयोजन के जरिए उन कलाकारों को मुख्य सामाजिक धारा में जोड़ा जाए जो अभी खुद में ही खोए हुए हैं।

इस आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर व्यवसायिक व्यवस्थाएं की गई हैं, इसमें भाग लेने के लिए प्रत्येक कलाकार से 1100 रुपए शुल्क लिया गया है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए पेशेवर लोगों की सेवाएं ली गई हैं, यह बात अलग है कि देशभर में वरिष्ठ कलाकारों के विभिन्न गुटों ने इस आयोजन को दरकिनार किया है।

इस आयोजन में प्रत्येक राज्य से ग्यारह-ग्यारह कलाकारों के दल भाग लेंगे। इन कलाकारों के दल मेंं एक सीनियर आर्टिस्ट उनका कन्वीनर होगा। राजस्थान से जाने-माने चित्रकार और कला शिक्षक डा. अनुपम भटनागर के प्रतिनिधित्व में जो दल इस प्रदर्शन में भाग लेगा उसमें जयपुर से रमेश शर्मा, जोधपुर से प्रदिप्तों दास, अजमेर से रूपाली माथुर, कोटा से डा. सुरेश प्रजापति, कुचामन सिटी से गिरीश, भीलवाड़ा से अनिल मोहनपुरिया, एस.एन. सोनी, निशा कानावत व सौरव भट्ट, उदयपुर से डा. मोहनलाल जाट, व बांसवाड़ा से स्वयं डा. अनुपम भटनागर शामिल हैं।
पेंन्ट फार जस्टिस के लिए राजस्थान से डा. अनुपम भटनागर की नई कृति 'ओह! मेरा बचपन'  इसे केनवास पर एक्रेलिक रंगों से सजाया गया है। इसका आकार है 24 गुणा 30 इंच।  कृति पर कलाकार ने कविता भी लिखी है।
  कविता
ओह! मेरा बचपन
कोई है?
जो दिलाए मुक्ति;
बैग के बोझ से
और
लौटा दे मेरा बचपन
ए बी सी और वन टू थ्री ने
खो दिया जिसे...
बैग, बोतल, टिफिन का
कंधे तोड़ता बोझ
सभी ने किया बदरंग
बचपन का रंग...
नानी की कहानियां
आइस-पाइस, छुप्पा-छुप्पी
लंगड़ी-टांग, पकड़म-पकड़ाई
सब... वो-मारा वो-काटा
मेरी गुडिय़ा
उसकी शादी
खेल मेरे बचपन के
बस रस्में निभाई...
सबका गौना सबकी विदाई
फिर एक दिन दब गया
बैग तले बचपन
ओह! मेरा बचपन
झूल रहा है बैग में...
डा अनुपम भटनागर द्वारा अपनी कृति पर लिखी पहली कविता