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शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

2100 कन्याओं का वंदन पूजन


2100 कन्याओं का वंदन पूजन
मूमल नेटवर्क, जयपुर।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के दूसरे दिन कन्या वंदन कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर सवाई माधोपुर विधायक दीया कुमारी मुख्य अतिथी के रूप में उपस्थित थीं। अपने प्रबोधन में दीया कुमारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमारी नई पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का निर्माण होता है। संस्थापिका, शक्ति पीठ जामडोली साध्वी समदर्शी ने कहा कि इस महाअभियान में समाज को भी साथ जुड़कर संस्कृति संरक्षण का कार्य करना चाहिए। साध्वी सुहृदया, सुशीला, सोनिला, किन्नर अखाड़ा के धर्म गुरु पुष्पा मायी, डॉ. रचना दास, डॉ. वसुधा सक्सेना, डॉ. पूजा अग्रवाल, समाजसेवी विमल सुराणा, मधु शर्मा ने मंच साझा किया। हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन के सचिव सोमकांत शर्मा ने सभी बच्चों को शपथ दिलाते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़कर जीवन जीने की सीख दी। संस्था के सभी पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से मंच पर कन्या वंदन किया। कन्या वंदन कार्यक्रम के प्रभारी कोमल चौहान ने बताया कि कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सनातन संस्कृति से जुड़कर लगभग 5000 बच्चों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर  सीतापुरा निवासी 6 वर्षीय तबला वादक सिदार्थ ने तिरकिट की प्रस्तुति दी, वहीं आकांक्षा और वर्षा ने शास्त्रीय संगीत पर आधरित भजनों की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेले में प्रकृति से संस्कृति की ओर प्रयास आर्ट फेस्टिवल के बैनर तले स्कूली स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के सात सौ छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने मुख्य रूप से छह विषयों में आधारित रंग-बिरंगी चित्राकृतियां बनाईं। इनके साथ सैकड़ों चित्रकारों ने अपने हाथ का हुनर दिखाया। शनिवार सुबह 11 से शाम 5 बजे तक कॉलेज डिप्लोमा स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी।
हेरिटेज गांव में राजस्थानी परंपरा लगभग लुप्त हो चुके ठेठ राजस्थानी परम्परा के भजनों लोक गीतों का प्रस्तुतिकरण हुआ।
मूमल ने दर्शाया अनछुआ राजस्थान
मूमल के स्टॉल पर राजस्थान के उन अनछुए स्थानों व उससे जुड़े इतिहास व कला पक्ष के बारे में बताया जा रहा है जो आज तक अधिकांक्ष लोगों की नजरों में नहीं आ पाये हैं। इसके साथ संस्कृत की बहुमूल्य पुस्तकों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

हिन्दु सेवा कार्यों की भव्य प्रस्तुति

हिन्दु सेवा कार्यों की भव्य प्रस्तुति
निम्बार्काचार्य श्याम शरण देवाचार्य महाराज ने किया उद्घाटन
मूमल नेटवर्क, जयपुर। अंबेडकर सर्किल स्थित एसएमएस इंवेस्टमेंट ग्राउंड में कल गुरुवार 16 नवम्बर को हिन्दु आध्यात्मिक सेवा मेले का शुभारंभ हुआ। मेले की शुरुआत 2100 बालक-बालिकाओं ने वृक्ष, गौ व तुलसी वंदन से की। शाम 4 बजे मेले का विधिवत उद्घाटन निम्बार्क पीठ सलेमाबाद के निम्बार्काचार्य श्याम शरण देवाचार्य महाराज ने किया। मेले में हिन्दु सेवा संगठनों ने 300 स्टॉलों के साथ अपने सेवा कार्यों की भव्य प्रस्तुति की है। 20 नवम्बर तक चलने वाले इस मेले में परंपराओं, संस्कृति, संस्कार और भारतीय जीवन शैली से साक्षात्कार किया जा सकता है।
मेले का उद्घाटन करते हुए देवाचार्य महाराज ने कहा कि हमारी पुरातन संस्कृति ही भारत की आत्मा है। सनातन संस्कृति विश्व की सबसे समृद्धशाली व्यवस्था है। उन्होंने समाज को इस थीम से जुडऩे की अपील की। इस अवसर पर पूज्य प्रेम सागर महाराज, साध्वी विजया उर्मिलिया, संयोजक हिन्दू धर्म आचार्य स्वामी परमात्मा नंद सरस्वती महाराज का भी संत सान्निध्य रहा। उद्घाटन अवसर पर हरिद्वार से लाए गंगाजल की पूजा अर्चना व आरती की गई। यह गंगाजल मेले के समापन पर सभी को वितरण किया जाएगा।
इससे पूर्व सुबह मेले की शुरुआत वृक्ष, गौ, तुलसी वंदन से की गई। इस अवसर पर  सेवा भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मूलचंद सोनी, बालमुकुंद बालकृष्ण महाराज, आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक ट्रस्ट के पं. विजयशंकर, महेश कुमार नामा, वंदना द्विवेदी, देवीनारायन पारीक ने मंच साझा किया। पहली बार मेले में कला व कलाकारों को भी सम्मिलित किया गया है।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के दूसरे दिन आज सुबह कन्या सुवासिनी वंदन किया गया। इसमें 2100 कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया। आज मेले के प्रमुख आकर्षणों में चित्रकला प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
पांच दिवसीय इस सेवा मेले में लगभग तीन सौ संस्थाओं की स्टॉल्स लगाई गई हैं। इसमें सेवा कार्यों का लेखा जोखा प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से अक्षयपात्र, पतंजलि योग पीठ, स्वामीनारायण मंदिर, माता अमृतानंदमयी देवी ट्रस्ट केरल, प्रजापिता ईश्वरीय ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय, स्वामी विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, गीता प्रेस गोरखपुर, श्री रामकृष्ण परमहंस मिशन, विश्व जाग्रति मिशन, अखिल विश्व गायत्री परिवार, राष्ट्रीय सिख संगत, नारायण सेवा संस्थान, मूमल, शुभदा, भगवान महावीर चिकित्सालय अनुसंधान केंद्र, पार्वती सेवा संस्थान, सूर्य मिलन योग शिविर संस्थान आर्ष संस्कृति दिग्दर्शक ट्रस्ट सहित अन्य प्रमुख संस्थाओं की स्टॉल लगाई गई है। इसके साथ ही नाथ समाज, योगी समाज, ब्राह्मण समाज, रावणा समाज, क्षत्रिय युवा संघ, जोगनिया समाज, अग्रवाल समाज सहित कई सामाजिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व इन स्टॉल्स में हैं। राजस्थान के कई जिलों के साथ भोपाल, गाजियाबाद, गोरखपुर सहित कई प्रदेशों के संगठन भी इस मेले में अपने सेवा कार्यों को प्रस्तुत कर रहे हैं।  मेले के प्रमुख उद्देश्यों में स्कूली बच्चों को पारंपरिक जीवन शैली व संस्कारों से परिचित करवाना शामिल है।
मेले के प्रमुख उद्घाटन के साथ कला व संस्कृति के लिए कार्यरत संस्थान 'मूमलÓ की स्टॉल का उद्घाटन संस्कृत विद्वान व महामहिम राष्ट्रपति से सम्मानित मनीषी आचार्य डॉ. नारायएा शास्त्री काङ्कर ने किया। इस अवसर पर बड़ी चौपड़ स्थित प्राचीन राधा-गोविन्द मन्दिर के महंत डॉ. संजय गोस्वामी व अन्य सम्मानित अतिथी उपस्थित थे।